पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने प्रदेश में बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच फैल रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष पखवाड़ा अभियान शुरू किया है__निगम के अधिशासी निदेशक संजय टम्टा ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद शुरुआती बिलों में जो बढ़ोतरी दिखाई दे रही है, वह वास्तविक खपत में वृद्धि नहीं बल्कि तकनीकी प्रक्रिया के कारण उत्पन्न स्थिति है_
न्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के बाद डेटा सत्यापन की बहु-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, पहले मीटर लगाने वाली एजेंसी द्वारा इंस्टॉलेशन किया जाता है, इसके बाद संबंधित डेटा का आधिकारिक सत्यापन किया जाता है_इस प्रक्रिया में कुछ समय लगने के कारण पहला बिल एक या दो माह की खपत को जोड़कर एक साथ जारी हो जाता है, इसी वजह से उपभोक्ताओं को बिल अधिक प्रतीत हो रहा है, जबकि दरों या मीटर की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं हुआ है__
निगम के अनुसार, पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक मीटर और स्मार्ट मीटर की मूल माप प्रणाली समान है, अंतर केवल इतना है कि स्मार्ट मीटर में संचार (कम्युनिकेशन) मॉड्यूल जोड़ा गया है, जिससे उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की जानकारी रियल टाइम में प्राप्त कर सकते हैं___यूपीसीएल का कहना है कि यह पखवाड़ा अभियान उपभोक्ताओं को जागरूक करने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शंकाओं का समाधान करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि बिजली बिल को लेकर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
संजय टम्टा, यूपीसीएल अधिशासिक निदेशक।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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