उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद अब राज्य सरकार चारधाम यात्रा की व्यापक तैयारियों में जुट गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में इस बार सर्दियों के दौरान पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी रही, जिससे पर्यटन कारोबार को नया संबल मिला। खासतौर पर औली में आयोजित स्कीइंग कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों ने राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि शीतकालीन यात्रा बेहद सफल रही और बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने औली पहुंचे। उन्होंने स्वयं औली का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। औली में स्कीइंग के बड़े आयोजन हुए और कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। यहां स्थित रोपवे को भूकंप के कारण हुए नुकसान के चलते मरम्मत का कार्य भी कराया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
अब सरकार की प्राथमिकता आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संचालित करना है। परंपरानुसार शीतकाल के दौरान जो पूजाएं शीतकालीन गद्दीस्थलों पर होती हैं, वे ग्रीष्मकाल में पुनः अपने मूल धामों में संपन्न होंगी। खरसाली में होने वाली पूजा यमुनोत्री धाम में, मुखबा में होने वाली गंगा जी की पूजा गंगोत्री में, उखीमठ में होने वाली भगवान केदारेश्वर की पूजा केदारनाथ में तथा पांडुकेश्वर और जोशीमठ में होने वाली पूजा बदरीनाथ धाम में संपन्न की जाएगी।
पिछले वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई थी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिला। इस वर्ष भी सरकार को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होगी। प्रशासन यात्रा मार्गों की मरम्मत, आवास, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में जुटा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।
सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री उत्तराखंड
Reported By: Praveen Bhardwaj












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