देहरादून: उत्तराखंड में ‘विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन’ यानी वीबी-जी राम (VB-GRAM) को लेकर सियासत गरमा गई है। जहाँ एक ओर भारतीय जनता पार्टी अपने मुख्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित कर इस मिशन को गेम-चेंजर बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे ग्रामीण अधिकारों के साथ खिलवाड़ और महात्मा गांधी के नाम का अपमान करार दिया है।
कांग्रेस का आरोप: नाम बदलने और अधिकारों के हनन की राजनीति कांग्रेस का कहना है कि सरकार पुरानी योजनाओं का नाम बदलकर महात्मा गांधी के योगदान और ग्रामीण विकास के मूल ढांचे (मनरेगा आदि) को कमजोर कर रही है। कांग्रेस इसे ग्रामीण स्वायत्तता पर हमला बता रही है।
भाजपा का पलटवार: रेखा वर्मा ने बोला हमला भाजपा की प्रदेश सह-प्रभारी रेखा वर्मा ने इन आरोपों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
“कांग्रेस की आदत हर देशहित की योजना का विरोध करने की है, चाहे वह धारा 370 हटाना हो या नई जनकल्याणकारी योजनाएं।”
गांधी नाम पर सवाल: रेखा वर्मा ने तंज कसते हुए पूछा कि जब 1980 में यह योजना अस्तित्व में आई थी और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने इसका नाम गांधी जी के नाम पर क्यों नहीं रखा?
योजना का उद्देश्य: उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने योजना को खत्म नहीं किया है, बल्कि इसे नया नाम और आधुनिक स्वरूप देकर अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
बीजेपी जहाँ ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ इस मिशन को रोज़गार का बड़ा माध्यम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे ‘नाम बदलने की राजनीति’ तक सीमित मान रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की उम्मीद है।
Reported By: Rajesh Kumar












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