कार्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा एक दिवसीय रामगंगा कॉन्वर्जेन्स सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य रामगंगा नदी के संरक्षण, संवर्धन, जल गुणवत्ता सुधार और जलीय जैव विविधता के संरक्षण पर व्यापक मंथन करना रहा। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से नदी और उससे जुड़ी जैव विविधता के निरंतर मॉनिटरिंग तथा डेटा आधारित संरक्षण रणनीति अपनाने पर जोर दिया।
सम्मेलन के दौरान चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रेजेंटेशन के माध्यम से रामगंगा नदी की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां और समाधान प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों में नदी एवं उसकी सहायक नदियों के सर्वेक्षण, जल गुणवत्ता निगरानी और प्रदूषण के स्रोतों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने जन-जागरूकता और ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं व जिला प्रशासन के बीच समन्वय को आवश्यक बताया।
निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व डॉ. साकेत बडोला की अध्यक्षता में हुई खुली चर्चा में रामगंगा नदी को उसके प्राकृतिक स्वरूप में पुनर्स्थापित करने, प्रदूषण उन्मूलन और जन-भागीदारी से जैव विविधता संरक्षण पर ठोस सुझाव सामने आए। सभी विशेषज्ञों की सहमति से रामगंगा संरक्षण के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करने का निर्णय लिया गया।
इसके तहत तकनीकी, फील्ड और विशेषज्ञ टीम का गठन कर विस्तृत सर्वेक्षण और डाटा शीट तैयार की जाएगी, जिससे संरक्षण कार्यों के लिए बेसलाइन डेटाबेस विकसित हो सके। सम्मेलन को रामगंगा नदी के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
डॉ0साकेत बडोला
डायरेक्टर
सीटीआर
Reported By: Praveen Bhardwaj












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