देहरादून: राजधानी की सड़कों पर यातायात व्यवस्था को सुधारने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने विक्रम चालकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। अब शहर में विक्रम चालक बिना वर्दी और पहचान पत्र के वाहन नहीं चला सकेंगे। इस पहल से न केवल यातायात नियमों का पालन होगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी पुख्ता होगी।
रेंजर्स ग्राउंड में हुआ 142 विक्रमों का सत्यापन
बीते गुरुवार को रेंजर्स ग्राउंड में पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से 142 विक्रमों और उनके चालकों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान:
फिटनेस चेक: वाहनों की तकनीकी स्थिति और फिटनेस की जांच की गई।
डेटा अपलोड: चालकों का नाम, मोबाइल नंबर, फोटो और स्थायी पता परिवहन विभाग की आधिकारिक साइट पर अपलोड किया गया।
हेल्पलाइन नंबर: सड़क सुरक्षा और यात्री सहायता के लिए सभी जरूरी हेल्पलाइन नंबरों को विक्रमों पर चस्पा किया गया है।
वर्दी और पहचान पत्र अनिवार्य
आरटीओ संदीप सैनी ने स्पष्ट किया कि विक्रम यूनियन के साथ हुई बैठक के बाद इस 10 दिवसीय वेरिफिकेशन अभियान की शुरुआत की गई है। नए नियमों के अनुसार:
ड्रेस कोड: चालकों को विक्रम चलाते समय निर्धारित वर्दी या खाकी रंग की जैकेट पहनना अनिवार्य होगा।
आईकार्ड: विभाग द्वारा सभी सत्यापित चालकों को पहचान पत्र (I-Card) प्रदान किए जा रहे हैं।
रिकॉर्ड: चालकों का पूरा विवरण अब पुलिस और परिवहन विभाग के पास उपलब्ध रहेगा।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
आरटीओ ने चेतावनी दी है कि यदि सत्यापन और चेतावनी के बावजूद कोई चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करता है या बिना वर्दी/आईकार्ड के पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। समय-समय पर चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
“यह अभियान यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विक्रम संचालक भी स्वयं इस वेरिफिकेशन का समर्थन कर रहे हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” – संदीप सैनी, आरटीओ देहरादून
Reported By: Praveen Bhardwaj














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