वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से महालेखाकार मोहम्मद परवेज़ आलम की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में जिलास्तरीय अधिकारियों एवं आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) ने प्रतिभाग किया।
महालेखाकार मोहम्मद परवेज़ आलम ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना, सामान्य भविष्य निधि (GPF) से जुड़ी जागरूकता बढ़ाना, मिलान (reconciliation) प्रक्रियाओं में सुधार करना तथा लेखांकन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से शासन द्वारा स्वीकृत बजट का उपयोग निर्धारित मद एवं लेखा शीर्षक के अनुसार ही करने पर बल दिया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इसे अधिकारियों के लिए सुनहरा अवसर बताते हुए कहा कि वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी जानकारी को गंभीरता से ग्रहण करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या समस्या न उत्पन्न हो।
कार्यशाला में बजट निर्माण, लेखांकन में गलत वर्गीकरण, जीपीएफ से संबंधित मुद्दे, एसी-डीसी बिलों का निपटान, उपयोगिता प्रमाण पत्र, श्रम उपकर लेखांकन तथा ट्रेजरी निरीक्षण के लंबित पैरों के निस्तारण जैसे विषयों पर पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। अंत में मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार ने महालेखाकार एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।
महालेखाकार मोहम्मद परवेज़ आलम
Reported By: Praveen Bhardwaj













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