दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में साहित्यकार कांता घिल्डियाल द्वारा अनूदित गढ़वाली कहानियों के संग्रह पनाळ का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश सकलानी ने की, जबकि मदन मोहन डुकलाण, गणेश खुगशाल ‘गणी’ और मदन मोहन कण्डवाल समेत कई साहित्यकार उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि गढ़वाली कहानियों का हिंदी में अनुवाद एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पहाड़ के समाज, संस्कृति और जीवन की झलक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचेगी। यह पुस्तक गढ़वाली साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
Reported By: Shiv Narayan











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