राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (1 से 7 सितम्बर) के अवसर पर परमार्थ निकेतन अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि सात्विक, संतुलित और शुद्ध भोजन ही जीवन की संजीवनी है। यह न केवल शरीर को ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है, बल्कि मन को शांति और आत्मा को निर्मलता का अनुभव कराता है।
इस वर्ष 2025 की थीम “सही खाओ, उत्तम जीवन पाओ” है। स्वामी जी ने कहा कि यह केवल नारा नहीं बल्कि जीवन जीने की संजीवनी है। उन्होंने आहार को आयु, बल, आरोग्य और सुख का मूल बताया और कहा कि सात्विक आहार से स्वस्थ जीवन और सशक्त राष्ट्र का निर्माण सम्भव है।

उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते जंक फूड और फास्ट फूड के सेवन पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से संतुलित आहार अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि विविध अनाज, दालें, हरी सब्जियाँ, फल, मेवे और पर्याप्त जल का सेवन जीवनशैली-जनित बीमारियों जैसे मधुमेह, रक्तचाप और हृदय रोग से बचाव में सहायक है।
स्वामी जी ने कहा कि जैसा आहार वैसा विचार होता है। सात्विक भोजन से मन शांत, बुद्धि निर्मल और संस्कार उज्ज्वल बनते हैं। यही कारण है कि योग और ध्यान में सात्विक आहार को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
उन्होंने आह्वान किया कि इस पोषण सप्ताह सभी लोग संकल्प लें कि संतुलित और सात्विक भोजन को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर स्वयं, परिवार और राष्ट्र को स्वस्थ, समर्थ और समृद्ध बनाएँ।
Reported By: Arun Sharma












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