उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय महामंत्री किरन रावत ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि पिटकुल में प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति उच्च न्यायालय ने रद्द कर दी है और सरकार को अंतरिम व्यवस्था करने का निर्देश दिया है l न्यायालय में अनिल चंद बलूनी ,राजीव गुप्ता और प्रवीण टंडन द्वारा दायर याचिका में पारित आदेश में पिटकुल के प्रबंध निदेशक की नियुक्ति को अवैध मानते हुए नियुक्ति अधिनियम के नियम 19 ए और 19A(4) का उल्लंघन मानते हुए सरकार को दोषी करार दिया है जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि सरकार को न्यायालय द्वारा फटकार लगानी पड़ी।
सरकार ने प्रबंध निदेशक की तकनीकी डिग्रियों का अवलोकन नहीं किया और ना उन्हें उनकी डिग्री में खामियां नजर आई l जबकि न्यायालय ने प्रथम दृष्टि में प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी की इंजीनियरिंग की डिग्री को अवैध करार दे दिया है।
उत्तराखंड क्रांति दल मांग करता है कि यदि सरकार पाक साफ है तो वह उन अधिकारियों को भी दंडित करें और उनसे धन की वसूली करें जिन्होंने इतने महत्वपूर्ण पद पर अवैध रूप से प्रबंध निदेशक की नियुक्त किया है l इस प्रकार की अधिकारियों से पिटकुल को घाटे में जाना पड़ा है, जबकि उत्तराखंड में पिटकुल को घाटे में जाने का कोई औचित्य नहीं है l उत्तराखंड क्रांति दल भविष्य में पिटकुल में तो प्रदर्शन करेगा।
किरन रावत, केंद्रीय महामंत्री, उक्रांद
Reported By: Shiv Narayan













Discussion about this post