उत्तराखंड ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत आवासों में से 70 फ़ीसदी इकाइयों का निर्माण पूरा कर लाभार्थियों को सौंप दिया है। राज्यसभा में प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब में यह जानकारी सामने आई।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि वर्ष 2015 से संचालित पीएमएवाई-यू का उद्देश्य पात्र शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का आवास उपलब्ध कराना है। उत्तराखंड को अब तक पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल 66,341 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 45,124 आवास 24 नवंबर 2025 तक पूर्ण कर लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं। इस वित्त वर्ष में 2,736 नए आवास स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 69.21 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई है। योजना की अवधि वित्त पोषण पैटर्न में कोई बदलाव किए बिना 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई गई है।
वहीं वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 2015 में शुरू की गई अटल पेंशन योजना का उद्देश्य विशेषकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बैंक/डाकघर में बचत खाता रखने वाले नागरिक नामांकित हो सकते हैं। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन का लाभ मिलना प्रारंभ होगा।
उत्तराखंड में 31 अक्टूबर 2025 तक कुल 8,91,202 लोगों ने एपीवाई में पंजीकरण कराया है, जिससे राज्य में बड़ी संख्या में असंगठित क्षेत्र के लोगों का सामाजिक व आर्थिक भविष्य सुरक्षित हुआ है।
Reported By: Arun Sharma












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