50 वर्ष की आयु पार करने के बाद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है, जिससे विभिन्न संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेषज्ञ एडल्ट वैक्सीनेशन अपनाने की सलाह देते हैं। एम्स ऋषिकेश में यह सुविधा सप्ताह भर उपलब्ध है, जहां इन्फ्लूएंजा, हेपेटाइटिस, टेटनस, निमोनिया और वैरीसेला जैसे महत्वपूर्ण टीके लगाए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार बचपन में लगे टीकों का प्रभाव एक निश्चित उम्र के बाद कम हो जाता है, इसलिए 50 वर्ष के बाद दोबारा टीकाकरण जरूरी हो जाता है। खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों और अधिक जोखिम वाले लोगों के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है।
चिकित्सकों का कहना है कि नियमित टीकाकरण से न केवल गंभीर बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि शरीर की इम्युनिटी भी मजबूत बनी रहती है। पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों लोग इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं, जिससे इसकी आवश्यकता और महत्व स्पष्ट होता है।
Reported By: Arun Aharma











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