देशभर के पत्रकार समुदाय के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से बंद पड़ी रेलवे कंसेशन सुविधा अब पुनः बहाल होने जा रही है। यह सफलता पत्रकारों के हितों के लिए सतत संघर्षरत संगठनों की सक्रिय पहल और वर्षों से जारी प्रयासों का परिणाम है।
भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस) के महासचिव एवं मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी तथा बीएसपीएस की मध्यप्रदेश इकाई जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (जंप) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने बताया कि केंद्र सरकार ने पत्रकारों के लिए रेलवे कंसेशन बहाल करने को सिद्धांततः स्वीकृति दे दी है। औपचारिक घोषणा शीघ्र होने की संभावना है।
गत वर्ष दिल्ली के जंतर मंतर पर देशभर के श्रमजीवी पत्रकारों ने बड़ा आंदोलन किया था, जिसमें प्रमुख मांगें रखी गई थीं—
पत्रकार सुरक्षा कानून,
सभी पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा,
अधिस्वीकृत पत्रकारों को रेलवे कंसेशन,
राष्ट्रीय स्तर पर टोल टैक्स से छूट।
इनमें से रेलवे कंसेशन की मांग को केंद्र सरकार ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रस्तुत ज्ञापन पर विचार करते हुए प्रधानमंत्री व रेल मंत्री ने इसे आगामी बजट सत्र से लागू करने की सहमति व्यक्त की है।
इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्वरूप देने में बीएसपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पांडे, संस्थापक शहनवाज़ हसन, संगठन मंत्री गिरिधर शर्मा एवं देशभर की इकाइयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जंप के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी पत्रकारों को बधाई देते हुए घोषणा की कि 27 दिसंबर को ‘आभार सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के पत्रकार प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।
Reported By: Arun Sharma













Discussion about this post