इसे भी पढ़ें
हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (हिम्स), जौलीग्रांट में ऑटिज़्म अवेयरनेस वीक के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, प्रारंभिक पहचान और समय पर इलाज को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता से हुई, जिसमें एमबीबीएस और पीडियाट्रिक्स विभाग के छात्रों ने ऑटिज़्म के लक्षण और प्रबंधन रणनीतियों पर रचनात्मक पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता का मूल्यांकन वरिष्ठ चिकित्सकों ने किया।
सीएचसी श्यामपुर में अभिभावकों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जहां समय पर पहचान और उपचार के महत्व पर चर्चा हुई। इसके अलावा, रूरल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के सहयोग से आशा कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला भी आयोजित की गई।
अस्पताल की ओपीडी में ऑटिज़्म स्क्रीनिंग कैंप में बच्चों का परीक्षण किया गया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। डॉ. अल्पा गुप्ता, डॉ. मनदीप खालसा, डॉ. तल्हा रहमान सहित अन्य चिकित्सकों ने इस अभियान में सक्रिय योगदान दिया।












Discussion about this post