विश्व ऑटिज्म डे के अवसर पर जिओन संस्था की ओर से जन-जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें लोगों को ऑटिज्म के लक्षणों और उससे जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूक किया गया। रैली में शामिल प्रतिभागी हाथों में तख्तियां लेकर “ऑटिज्म को समझो यार, हर बच्चा है सुपरस्टार” और “जज करना बंद करो, समझना स्टार्ट करो” जैसे नारे लगा रहे थे।
संस्था की निदेशक अंजलि सुब्रह्मण्यम ने बताया कि उनकी संस्था ऐसे बच्चों के विकास के लिए कार्य करती है, जो उम्र के अनुसार विकसित नहीं हो पाते। संस्था द्वारा स्पीच थेरेपी, स्पेशल एजुकेशन और स्कूल के माध्यम से ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों को शिक्षा और सहयोग प्रदान किया जाता है।
डॉ. अंजलि भंडारी ने कहा कि लोगों में अभी भी ऑटिज्म को लेकर जागरूकता की कमी है। यह एक मस्तिष्क विकास से जुड़ी स्थिति है, जो बच्चों के व्यवहार, समझ और संवाद क्षमता को प्रभावित करती है। समय पर पहचान और उपचार से बच्चों में सुधार संभव है।
अभिभावक अभय रावत ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके बेटे में उपचार के बाद सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। संस्था द्वारा चलाया गया यह अभियान लोगों को ऑटिज्म के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अंजलि सुब्रमण्यम निर्देशक जिओन संस्था
डॉक्टर अनामिका भंडारी मानसिक रोग विशेषज्ञ
अभय रावत अभिभावक
Reported By: Praveen Bhardwaj












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