उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मर्यादाओं की रक्षा को लेकर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। गंगा सभा के निर्णय के बाद अब श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। ..बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि केदार खंड से लेकर मानस खंड तक स्थापित मंदिरों में परंपरागत रूप से धार्मिक मर्यादाओं का पालन किया जाता रहा है। उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति की रक्षा सर्वोपरि है और मंदिरों की पवित्रता बनाए रखना समिति की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में गैर-भाजपा सरकारों के कार्यकाल में इन परंपराओं का उल्लंघन हुआ।
इस विषय पर बात करते हुए वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब संमस ने कहा देवभूमि उत्तराखंड डेढ़ करोड़ सनातनी की भूमि है। इन चार धामों में तमाम श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ आते हैं।… जिनकी आस्था इन चार धामों, गंगा ,यमुना पर पर ना हो। वह यहां पर ना आए इसमें उन्हें क्या दिक्कत है? यह एक बहुत शानदार निर्णय है और जिनकी आस्था इन चार धामों पर नहीं है वह बिल्कुल भी यहां पर ना आए।
शादाब संमस वक्फ बोर्ड अध्यक्ष उत्तराखंड
Reported By: Praveen Bhardwaj












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