मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने लोक कलाकारों, साहित्यकारों और बड़ी संख्या में उपस्थित जनता का अभिनंदन करते हुए आयोजन को उत्तराखंड की लोक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का सराहनीय प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महोत्सव लोक कला, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और उत्तराखंडी व्यंजनों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन, इसकी संस्थापक गीता धामी और आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। साथ ही सरकार द्वारा ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘एक जनपद–दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और लोक कलाकारों को बढ़ावा देने की जानकारी दी।

फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि उत्तरायणी कौथिक के माध्यम से पूरे राज्य की संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और स्थानीय उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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