देहरादून: राजधानी के डालनवाला थाने में आज सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि, दिनभर चले इस घटनाक्रम में शाम होते-होते पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की एंट्री ने इस आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया।
क्या है पूरा मामला?
महिला कांग्रेस की मांग है कि गिरधारी लाल साहू के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। इसी मांग को लेकर ज्योति रौतेला और महिला कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
शाम को पहुंचे हरीश रावत, बदला विरोध का स्वरूप
देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत डालनवाला थाने पहुंचे और खुद आंदोलन की कमान संभाल ली। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर एफआईआर दर्ज करने का भारी दबाव बनाया। सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिनभर मेहनत महिला कांग्रेस ने की, लेकिन विरोध प्रदर्शन की सुर्खियां और ‘क्रेडिट’ हरीश रावत के खाते में चला गया।
विधायक विनोद चमोली का तीखा प्रहार: “नालों में बैठने को तैयार रहते हैं रावत”
कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर सत्तापक्ष ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। धरमपुर विधायक विनोद चमोली ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा:
“हरीश रावत अपनी गरिमा और पद का ख्याल नहीं रखते। वे अत्यंत निचले स्तर की राजनीति पर उतर आए हैं।”
“उन्हें सुर्खियों में बने रहने का शौक है। सुर्खियां बटोरने के लिए हरीश रावत नाले-खाले कहीं भी बैठने को तैयार रहते हैं।”
चमोली ने आगे कहा कि अगर रावत सिर्फ निर्देश भी दे देते तो काम हो जाता, लेकिन उन्हें इस तरह के ‘हथकंडे’ अपनाकर चर्चा में आना पसंद है।
पुलिस की स्थिति
फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन कांग्रेस नेताओं के दबाव और भाजपा विधायक की बयानबाजी ने मामले को पूरी तरह राजनीतिक बना दिया है।
घटनाक्रम एक नज़र में:
नेतृत्व: ज्योति रौतेला (शुरुआत), हरीश रावत (शाम को)।
स्थान: डालनवाला थाना, देहरादून।
मुद्दा: गिरधारी लाल साहू के खिलाफ FIR की मांग।
विवाद: विरोध प्रदर्शन के ‘श्रेय’ और हरीश रावत की कार्यशैली पर भाजपा का तंज।
Reported By: Arun Sharma














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