उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण हुई भीषण आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई घर ध्वस्त हो गए, बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ और लोगों को भारी जानमाल की क्षति उठानी पड़ी। इस त्रासदी पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आज की सायंकालीन गंगा आरती को आपदा पीड़ितों की कुशलता और पुनर्वास हेतु समर्पित किया।
परमार्थ प्रमुख स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने विदेश से भेजे अपने संदेश में इसे केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूरे देश की संवेदना को झकझोर देने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा, “पहाड़ों पर रहने वालों का जीवन तपस्वी जीवन है और ऐसी आपदाएं उनके साहस की परीक्षा लेती हैं। यह समय है सेवा, सहयोग और संवेदना के साथ खड़े होने का।”
स्वामी जी ने राज्य और केंद्र सरकार, सेना, जिला प्रशासन और राहत एजेंसियों के त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। उन्होंने देशभर की संस्थाओं और नागरिकों से पीड़ितों की सहायता में आगे आने की अपील की।
स्वामी जी ने कहा कि जब पहाड़ की समस्याएँ बड़ी होती हैं, तब समाधान भी सामूहिक संकल्प से ही संभव होते हैं। इस समय हमें एक परिवार की तरह साथ खड़े रहकर हर पीड़ित तक राहत पहुँचानी है और हर आंसू को आशा में बदलना है।
Reported By: Arun Sharma












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