मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तराखण्ड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन की ई-बीआरटीएस, पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में त्रिवेणी घाट से नीलकंठ मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना को आवश्यक स्वीकृतियां मिलने की जानकारी दी गई। हरिद्वार में इंटीग्रेटेड रोपवे और 20.73 किमी लंबी पीआरटी परियोजना पर भी विचार-विमर्श हुआ, जो तीर्थ सीजन में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाएगी।
देहरादून में 31.52 किमी लंबे ई-बीआरटीएस कॉरिडोर (आईएसबीटी से रायपुर) और पीआरटी के तीन प्रस्तावित कॉरिडोर पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट मॉडल और पार्किंग पॉलिसी-2022 के समन्वय पर भी जोर दिया।
सरकार का लक्ष्य देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में एक समेकित, आधुनिक और सतत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क विकसित करना है, जिससे यातायात दबाव कम होने के साथ पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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