जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने शिक्षा विभाग की योजनाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता सुधार और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक क्लस्टर स्तर पर सेंट्रलाइज्ड लैब स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों को बेहतर प्रायोगिक शिक्षा मिल सके।
इसके साथ ही अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पिरूल स्टोव के उपयोग को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने की बात कही गई। जिलाधिकारी ने शिक्षकों को हर महीने अभिभावक बैठकों के आयोजन, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने और छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
Reported By: Gopal Nautiyal












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