उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में ‘फुल कैबिनेट’ की पहली बैठक संपन्न हुई, जिसमें 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर युवाओं, किसानों, सरकारी कर्मचारियों और प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर पड़ेगा।
मुख्य फैसलों में शामिल हैं:
- पुलिस भर्ती में आयु सीमा में छूट: सिपाही, उप निरीक्षक (SI), पीएसी और अग्निशमन विभाग के लिए आयु सीमा पार कर चुके युवाओं को एक और मौका मिलेगा।
- बिजली सब्सिडी वसूली एक्ट: फ्री बिजली योजना में पारदर्शिता लाने और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए कानून को मंजूरी दी गई।
- न्यायिक कर्मचारियों के लिए ई-व्हीकल और सॉफ्ट लोन: न्यायिक कर्मचारियों को 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
- स्वरोजगार में अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता: इन्हें स्वरोजगार अपनाने पर 5% अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।
- प्रशासनिक सुधार: लोक निर्माण विभाग में बड़े कार्यों के लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंसी अनिवार्य, वन विभाग में पदोन्नति हेतु सेवा अवधि घटाई गई।
- कृषि क्षेत्र: 2.2 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीद का लक्ष्य और गेहूं-धान पर केंद्र समान मंडी शुल्क लागू।
- शिक्षा: एडेड स्कूलों की समस्याओं के समाधान हेतु विशेष उपसमिति का गठन।
इस बैठक से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि धामी सरकार का फोकस रोजगार, युवाओं के लिए अवसर, प्रशासनिक सुधार और पर्यावरण-अनुकूल नीतियों पर है।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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