राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से नैनीताल के मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने शिष्टाचार भेंट कर जनपद में संचालित विकास कार्यों, पर्यटन गतिविधियों और विभिन्न नवाचारों की जानकारी साझा की।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि नैनीताल की पहचान उसकी प्रसिद्ध झीलों से है, जिनके सौंदर्यीकरण और स्वच्छता को लेकर विशेष कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय होटल व्यवसायियों के साथ समन्वय स्थापित कर मार्केट लिंकेज विकसित किया गया है। साथ ही युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि जनपद में होम स्टे को बढ़ावा देने के साथ-साथ नियमों के विपरीत संचालित होम स्टे के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। इस पर राज्यपाल ने निर्देश दिए कि नैनीताल में नए पर्यटन स्थलों का विकास किया जाए और पर्यटकों को अधिक समय तक आकर्षित रखने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।
राज्यपाल ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए, ताकि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके।
इस दौरान आकाश गंगवार ने वन विभाग की गतिविधियों और वनाग्नि रोकथाम के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष जनपद की प्रमुख चुनौतियों में शामिल है, जिससे बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग और अन्य सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
डीएफओ ने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण के लिए पीरूल संग्रहण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत स्थानीय लोगों को पीरूल एकत्र करने पर 10 रुपये प्रति किलोग्राम प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने पीरूल प्रबंधन के जरिए वनाग्नि रोकथाम के प्रयासों की सराहना करते हुए जनजागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में स्थानीय सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया।
Reported By: Arun Sharma












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