उत्तराखंड हाईकोर्ट में वर्ष 1962 से रह रहे जाध भोटिया कल्याण समिति ने निलोंग में ही वापस बसाया जाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई।मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की एकलपीठ ने केंद्र और संबंधित अधिकारियों को 8 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 8 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है
आपकों बता दे कि जाध भोटिया समिति ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि उनकी जमीने इंडो चाइना बॉर्डर निलोंग में है जिसे इंडियन आर्मी, आईटीबीपी, सिविल पुलिस द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया। जिसके चलते नेलांग वैली के लोग पिछले कई दशकों से अपनी ही जमीन से वंचित हैं। यह केवल जमीन का मामला नहीं है, बल्कि यह उनके संवैधानिक अधिकारों विशेषकर अनुच्छेद 300A के तहत संपत्ति के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि या तो विधि अनुसार भूमि का अधिग्रहण किया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, या फिर जमीन वापस की जाए।
इम्राज रौतेला, अधिवक्ता हाईकोर्ट
Reported By: Praveen Bhardwaj













Discussion about this post