आगामी चारधाम यात्रा 2026 के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालन के लिए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने ट्रांजिट कैंप, Rishikesh में होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन और डंडी-कंडी संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में यात्रा के दौरान संभावित चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप भी उपस्थित रहे।
आयुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘अतिथि देवो भवः’ संकल्प के अनुरूप व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री और यमुनोत्री, 22 अप्रैल को केदारनाथ तथा 23 अप्रैल 2026 को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि होटल एसोसिएशन और अन्य हितधारकों के सुझावों पर अमल के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति की संस्तुतियों के आधार पर शीघ्र ही पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं होगी, लेकिन पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। फर्जी पंजीकरण रोकने के लिए न्यूनतम शुल्क तय किया जाएगा और प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जाएगा।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यात्रा में स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा अवैध रूप से सवारी ढोने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। डंडी-कंडी संचालकों के पंजीकरण व शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से पूरी की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी सुझावों को लागू कर चारधाम यात्रा 2026 को और अधिक सुगम, सुरक्षित और सफल बनाया जाएगा।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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