देहरादून के केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन केवल एक सरकारी परिसर नहीं, बल्कि बेसहारा महिलाओं और अनाथ बच्चों के लिए नई ज़िंदगी की शुरुआत है। यहाँ परित्यक्त जीवन को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का सहारा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री की प्रेरणा और जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में इस निकेतन को संवेदनशील, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। बुजुर्ग महिलाओं के लिए 30 बेड का अतिरिक्त भवन लगभग तैयार है, वहीं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सीवर लाइन, आवास, स्वच्छता और डोरमेट्री जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की गई हैं।

वर्तमान में नारी निकेतन में 178 महिलाएँ, बालिका निकेतन में 21 बालिकाएँ और बाल गृह एवं शिशु सदन में 23 बच्चे रह रहे हैं। बच्चों को शिक्षा, कंप्यूटर प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जबकि महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई जैसे आजीविकापरक प्रशिक्षण के साथ योग व संगीत के माध्यम से मानसिक सशक्तिकरण दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त होमगार्ड, नर्सों की तैनाती और डॉक्टरों की नियमित विजिट सुनिश्चित की गई है। प्रशासन की सतत निगरानी से यह निकेतन आज उम्मीद, सम्मान और इंसानियत की जीवंत कहानी बनकर उभर रहा है।
Reported By: Shiv Narayan












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