ऋषिकेश-देहरादून मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के लिए हो रही हजारों पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद गहरा गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने एनएचएआई और वन विभाग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई की स्पष्ट अनुमति नहीं दी है। उन्होंने कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और अनुमति संबंधी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने कहा कि 9 जनवरी 2026 के हाईकोर्ट के आदेश में तमिलनाडु के मधुमलाई एलिफेंट कॉरिडोर और उत्तराखंड के अनीता कंडवाल बनाम उत्तराखंड सरकार मामले का उल्लेख किया गया था, लेकिन कहीं भी ऋषिकेश-भानियावाला मार्ग पर पेड़ों की कटाई की स्पष्ट अनुमति नहीं दी गई।
उनका कहना है कि बाद में एनएचएआई स्पष्टीकरण के लिए हाईकोर्ट गया और 18 मार्च 2026 को क्लैरिफिकेशन भी आया, लेकिन उसमें भी पेड़ों की कटाई की स्पष्ट स्वीकृति नहीं है।उन्होंने सवाल उठाया कि बरसात और हरेला जैसे पर्यावरण संरक्षण के समय में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई क्यों की जा रही है, जबकि यह क्षेत्र एलिफेंट कॉरिडोर भी है। नौटियाल ने कहा कि यदि एनएचएआई के पास वैध अनुमति है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने वन विभाग और सरकार से तत्काल कटाई रोकने की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर 8 जुलाई को एनएचएआई कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
अनूप नौटियाल, सामाजिक कार्यकर्ता
Reported By: Shiv Narayan













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