राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु लगभग एक हजार करोड़ रुपये की प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन प्लान (पीआईपी) केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इस प्रस्ताव में राज्य की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधा दर्जन नई योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों के साथ पीआईपी के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, वैक्सीन स्टोरेज और कोल्ड चेन उपकरणों की व्यवस्था, मॉडल इम्युनाइजेशन सेंटर की स्थापना, चारधाम यात्रा हेतु मोबाइल वैक्सीनेशन वैन, पर्वतीय क्षेत्रों में सेफ्टी पिट्स और वीपीडी सर्विलांस को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, कुछ विकासखंडों में मोतियाबिंद संभावित मरीजों की शत-प्रतिशत जांच के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने, ब्लॉकों में चिकित्सकों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण तथा व्यापक टीकाकरण अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल ने बताया कि सांसदों से प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए पीआईपी शीघ्र ही केंद्र सरकार को प्रेषित की जाएगी।
Reported By: Arun Sharma












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