प्रदेश के पंचायतीराज, पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने राज्य के पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए अधिकारियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को सुभाष रोड स्थित कैम्प कार्यालय में वन विभाग एवं पंचायतीराज अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने ग्राम पंचायतों में फैली बड़ी झाड़ियों को हटाने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि ये झाड़ियाँ जंगली जानवरों के छुपने का स्थान बन गई हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और स्कूली बच्चों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
महाराज ने पंचायत विभाग को मनरेगा के अनटाइड फंड से झाड़ियाँ काटने का कार्य शीघ्र शुरू करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जंगली जानवरों के संरक्षण हेतु बने पार्कों में ऐसे जानवरों को रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा बड़ी संस्थाओं और कंपनियों से इन्हें गोद लेने और इनके रखरखाव में सहयोग का अनुरोध किया जाए। उन्होंने बताया कि एक बाघ के रखरखाव पर सालाना 20–25 लाख रुपये तक का खर्च आता है, इसलिए सामुदायिक और संस्थागत सहयोग बेहद आवश्यक है।
मंत्री ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है, और आवश्यक होने पर घातक बन रहे जंगली जानवरों को पकड़कर सुरक्षित संरक्षण स्थलों में रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिशा में वह अंबानी परिवार द्वारा बनाए गए बनतारा से सहयोग का अनुरोध करने पर विचार कर रहे हैं।
Reported By: Arun Sharma












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