देहरादून में बस्ती बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम मेयर श्री सौरभ थपलियाल से भेंट कर रिस्पना-बिंदाल क्षेत्र में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना से पहले प्रभावितों की सहमति नहीं ली गई, बल्कि सीधे उनके घरों पर ध्वस्तीकरण के चिन्ह लगाए गए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 864 गरीब परिवारों को बेदखली नोटिस दिए गए, जबकि उसी बाढ़ क्षेत्र में स्थित सरकारी भवनों और रसूखदारों के अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में अधिकारियों द्वारा एकतरफा तथ्य प्रस्तुत कर केवल कमजोर वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि एलिवेटेड रोड परियोजना बिना पर्यावरण आकलन और जनता की वास्तविक सहमति के आगे बढ़ाई जा रही है, जो पर्यावरण और मानवीय अधिकारों का उल्लंघन है। साथ ही, बेदखली से पहले कोई पुनर्वास या मुआवजा नीति घोषित नहीं की गई है।
प्रतिनिधियों ने मांग की कि जब तक सभी अतिक्रमणों पर समान कार्रवाई और पुनर्वास योजना नहीं बनती, तब तक बेदखली रोकी जाए। साथ ही परियोजना को पुनः जनसुनवाई और सहमति की प्रक्रिया से शुरू किया जाए।
Reported By: Shiv Narayan












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