जनता को सुविधा देने के लिया सरकारें योजनाएं और पोर्टल बनाती है। लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी ही अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लें, तो शिकायतें फाइलों में दबकर रह जाती हैं। मामला है हरिद्वार के संभागीय परिवहन अधिकारी की कार्यशैली का… जहां स्थानीय लोग महीनों से परेशान हैं, लेकिन राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।”
स्थानीय नीरज चौहान का आरोप है कि वाहन पंजीकरण, परमिट, लाइसेंस नवीनीकरण और अन्य कामों के लिए महीनों से चक्कर काटने के बाद भी उनका काम पूरा नहीं हो रहा।”रिश्वत वालो का काम फटाफट हो रहा है
उनका कहना है कि सीएम पोर्टल पर बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो समय पर जवाब मिलता है, न ही समस्या का समाधान।”हमने CM पोर्टल पर 3–4 बार शिकायत की, लेकिन हर बार या तो जवाब नहीं आता या फिर कहते हैं ‘कार्यवाही जारी है’। महीनों हो गए, कोई हल नहीं निकला।”
ऐसे में सवाल उठता है कि तेज तर्रार मुख्यमंत्री जो हर पल जनता के कल्याण के लिए लगे रहते है ,जनता की समस्या का निराकरण शीघ्रता से हो उसके लिए हेल्प लाइन बनाए है फिर भी लोगों की समस्या का निस्तारण न हो पाना एक चिंतनीय विषय है।
अपनी समस्या के समाधान न होने पर क्या बोले नीरज चौहान खुद देखिए:
नीरज चौहान पीड़ित स्थानीय निवासी












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