उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने चारधाम यात्रा के दौरान गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर चल रही बहस के बीच कहा है कि धार्मिक स्थलों में कौन प्रवेश करेगा और कौन नहीं, इसका निर्णय संबंधित धर्मगुरुओं को ही करना चाहिए__उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में आम लोगों या राजनीतिक बयानबाज़ी के बजाय धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए_
शादाब शम्स ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब मुसलमान हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं तो वहां साफ तौर पर लिखा होता है कि गैर-मुसलमानों का प्रवेश प्रतिबंधित है__उनके मुताबिक इसी तरह हर धर्म के अपने नियम और व्यवस्थाएं होती हैं, इसलिए मंदिर परिसर, गर्भगृह या मंदिर के अंदर प्रवेश को लेकर अंतिम निर्णय धर्मगुरुओं और मंदिर प्रबंधन को ही करना चाहिए।
शादाब शम्स, वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष, उत्तराखंड।










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