जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा कदम उठाते हुए ऋषिकेश के उप निबंधक को निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। विगत माह आमजन की शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिकों की नियुक्ति, उप निबंधक की अनुपस्थिति में लिपिक द्वारा अनधिकृत रूप से विलेख पंजीकरण, तथा वर्षों से आमजन के मूल अभिलेख लंबित पाए गए। संपत्ति मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी और औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंडों के छोटे-छोटे टुकड़ों में रजिस्ट्री किए जाने जैसे मामले भी उजागर हुए, जिससे करोड़ों की स्टाम्प चोरी की आशंका जताई गई।
फरियादियों ने बताया कि मूल अभिलेख लौटाने और रजिस्ट्री की नकल देने में अनावश्यक देरी और उत्पीड़न किया जा रहा था। जहां नियम के अनुसार अधिकतम तीन दिन में दस्तावेज लौटाने की सीमा है, वहीं सैकड़ों मूल विलेख महीनों से अलमारियों में लंबित मिले। अर्जेंट रजिस्ट्री की नकल, जो 24 घंटे में दी जानी चाहिए, वह भी महीनों और वर्षों से लंबित पाई गई।
इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर शासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उप निबंधक को निलंबित किया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अन्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।


Reported By: Praveen Bhardwaj












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