उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सार्वजनिक सड़कों पर नमाज न पढ़ने की सख्त चेतावनी का उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने स्वागत किया है। शम्स ने कहा कि सीएम योगी का बयान पूरी तरह धर्मसम्मत है और इस्लाम में भी सड़क पर नमाज पढ़ना जायज नहीं है। शम्स ने कहा कि इबादत के भी नियम होते हैं, इसे हक्कुल इबादत कहते हैं। गंदी सड़क पर नमाज पढ़ने से अगर एंबुलेंस रुकती है या लोगों को परेशानी होती है तो नमाज कबूल नहीं होती, उल्टा गुनाह मिलता है।
उन्होंने कहा कि एक अच्छे मुसलमान के नाते वे जिम्मेदारी से इस बात को स्वीकार करते हैं। शम्स ने बताया कि उत्तराखंड में माहौल बदल गया है। पिछले दो बार से ईद की नमाज दो शिफ्ट में कराई जा रही है ताकि सड़क जाम न हो। किसी को हमारी वजह से परेशानी न हो, भले ही हमें तकलीफ हो। अगर मेरे धर्म से दूसरों को दिक्कत है तो वह धर्म नहीं, जिद है।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम धर्मगुरु भी इस फैसले की पैरवी कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोग तुष्टिकरण की राजनीति के लिए विरोध कर रहे हैं। सच बोलने की हिम्मत न होने से उनकी दुकान विरोध पर चलती है। वक्फ बोर्ड इस बयान का पूरी तरह समर्थन करता है।
शादाब शम्स, अध्यक्ष वक़्फ़ बोर्ड, उत्तराखंड।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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