उत्तराखंड में वर्ष 2025 के दौरान एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने संगठित अपराध, हथियार तस्करी, नशा कारोबार और नकली दवाइयों के खिलाफ व्यापक और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
एसटीएफ ने वाल्मीकि गैंग के मुख्य आरोपियों मनीष उर्फ बॉलर, हसन जैदी और शेर सिंह को गिरफ्तार किया, वहीं चीनू पंडित गैंग के दो शूटरों को हथियारों के साथ दबोचा गया। इनसे तीन पिस्टल, एक तमंचा और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गैंग के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में 17 अवैध हथियार जब्त कर कामरान नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पाकिस्तान क्षेत्र से आने वाली जरी पिस्टल सहित कुल 20 पिस्टल, दो तमंचे, 24 मैगजीन और 63 कारतूस की रिकवरी की गई।
नशे के कारोबार पर भी एसटीएफ ने कड़ा प्रहार किया। पिथौरागढ़ में MDMA की अंतरराज्यीय लैब को ध्वस्त कर 7 किलो 600 ग्राम ड्रग्स बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई। लक्ष्मण झूला में पहली बार सिंथेटिक ड्रग MDMA और ऊधमसिंह नगर में 800 ग्राम हीरोइन की बड़ी खेप पकड़ी गई।
नकली दवाइयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सेलाकुई और हरिद्वार में छह अवैध फैक्ट्रियां सीज कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करीब 14 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसके साथ ही STF ने पहली बार PIT NDPS के तहत 31 मामलों को शासन को भेजा।
वन्यजीव अपराधों में भी भालू की पित्त और हाथी दांत की तस्करी पर कार्रवाई की गई, जबकि 25 साल से फरार इनामी अपराधी सहित कुल 18 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की इन कार्रवाइयों से राज्य में अपराधियों पर बड़ा शिकंजा कसने में सफलता मिली है।
नीलेश आनंद भरणे,आई जी, STF उत्तराखंड
Reported By: Shiv Narayan












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