इस वर्ष का पहला आंशिक चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है। चंद्र ग्रहण शुरू होने के 9 घंटे पहले सूतक काल से मंदिरों के कपाट दर्शनों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसका असर त्रिवेणी घाट और अन्य गंगा घाट पर होने वाली गंगा आरती पर भी दिखाई देगा। जानकारी के मुताबिक सुबह 6:30 पर चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाएगा। इसलिए इस सूतक काल से पहले मंदिरों के कपाट पूजा अर्चना और दर्शनों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। ब्राह्मणों का कहना है कि मंदिरों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए मंदिरों में तुलसी के पत्ते जरूर रखें। शाम को 6:40 बजे पर चंद्र ग्रहण खत्म होगा।
जिसके बाद विधिवत पूजा अर्चना के साथ मंदिरों के कपाट दर्शनों के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद भगवान का स्नान और उसके बाद आरती की जाएगी। त्रिवेणी घाट पर इन दोनों गंगा आरती का समय 6:30 बजे का है। इसलिए सूतक काल और चंद्र ग्रहण की वजह से गंगा आरती भी सूक्ष्म रूप से 7:15 पर की जाएगी।
जगमोहन मिश्रा, पंडित
Reported By: Praveen Bhardwaj












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