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उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं। कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
राज्य सरकार ने कक्षा 9 से 12 तक के लाखों छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराईं, वहीं कक्षा 1 से 12 तक के करीब 9 लाख विद्यार्थियों को नोटबुक्स भी दी जा रही हैं। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में भी सुधार दर्ज हुआ है—हाईस्कूल का परिणाम 2022 में 77.47 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 90.77 प्रतिशत तक पहुंच गया।
मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के तहत हजारों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत 559 क्लस्टर विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जहां स्मार्ट क्लास, वर्चुअल लर्निंग और आधुनिक लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार ने खेलों और सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया है। पिछले चार वर्षों में छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं। साथ ही, “भारत-दर्शन” शैक्षिक भ्रमण योजना के जरिए छात्रों को देश के प्रमुख शिक्षण और ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव भी कराया जा रहा है।
माध्यमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए 4,400 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है। कुल मिलाकर, सरकार के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा प्रणाली को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को गुणवत्तापरक, समावेशी एवं व्यवहारिक शिक्षा उपलब्ध हो, इसके लिए विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों का विस्तार, शिक्षण पद्धतियों में नवाचार तथा शिक्षकों के कौशल विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार संकल्पित है कि शिक्षा के माध्यम से प्रदेश के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जाए। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।












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