भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विधानसभा से पारित अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 को बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को संरक्षण देगा और किसी धर्म विशेष का पक्ष न लेकर समानता प्रदर्शित करेगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे कानूनी रूप मिल गया है।
नए कानून के तहत राज्य का मदरसा शिक्षा बोर्ड समाप्त कर दिया जाएगा और मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध तथा पारसी समुदायों के विद्यालय अब राज्य शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होंगे। इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बढ़ाना और नई शिक्षा नीति के अनुरूप समान अवसर उपलब्ध कराना है।
यह कानून 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। इसके प्रावधानों के तहत सभी अल्पसंख्यक संस्थानों को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेना अनिवार्य होगा।
Reported By: Arun Sharma












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