Friday, April 3, 2026
  • About
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Contact
  • Disclaimer
Crime Patrol
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • हेल्थ
  • विश्व
  • रोजगार
  • मनोरंजन
  • फैशन
  • पर्यटन
  • धार्मिक
  • त्‍योहार
  • अर्थव्यवस्था
  • अपराध
No Result
View All Result
Crime Patrol
No Result
View All Result
Home राष्ट्रीय

समय आ गया है कि इन महातीर्थों की पवित्रता को पांडों के लालच से मुक्त कराया जाए।

जहाँ बद्रीनाथ छह महीने की कठिन शीतकालीन समाधि के बाद खिलता है और भक्त दुर्गम पहाड़ों, कड़ाके की ठंड और संकरी रास्तों की 'तपस्या' कर वहां पहुँचता है, वहीं पुरी का जगन्नाथ मंदिर साल के 365 दिन अपने भक्तों के लिए बाहें पसारे खड़ा रहता है।

Crime Patrol by Crime Patrol
April 3, 2026
in राष्ट्रीय
Reading Time: 1 min read
0 0
A A
0
Pandas
2
VIEWS

हिमालय की उत्तुंग शिखरों पर विराजमान बद्री विशाल और समुद्र की अनंत गर्जना के बीच बसे जगन्नाथ धाम की यह यात्रा केवल भौगोलिक दूरियों को नापना नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक आत्मा के दो छोरों को एक सूत्र में पिरोना है। हाल ही में पीआईबी (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) देहरादून द्वारा आयोजित ओडिशा के ‘मीडिया एक्सपोजर टूर’ ने एक पत्रकार और लेखक के रूप में मुझे उस सत्य से रूबरू कराया, जो उत्तर और पूर्व के इन दो महातीर्थों को भूगोल और भक्ति के अनूठे मेल से जोड़ता है। उत्तराखंड के चमोली में जहाँ अलकनंदा के पावन तट पर भगवान बद्री विशाल योग मुद्रा में विराजे हैं, वही अलकनंदा जो आगे चलकर देवप्रयाग में गंगा का रूप लेती है, मानो उत्तर का संदेश लेकर पूर्व की ओर प्रस्थान करती है। भूगोल का यह विस्मयकारी सत्य देखिए कि हिमालय की गोद से निकलने वाली यही गंगा अंततः बंगाल की खाड़ी के उसी अगाध सागर में विलीन होती है, जिसके तट पर नीलांचल धाम में भगवान जगन्नाथ अपनी लीला रचते हैं। उत्तर से पूर्व की ओर बहती नदियाँ केवल जल का प्रवाह नहीं, बल्कि बद्रीनाथ के संयम को जगन्नाथ के उत्सव से जोड़ने वाली एक अदृश्य कड़ी हैं।

जहाँ बद्रीनाथ छह महीने की कठिन शीतकालीन समाधि के बाद खिलता है और भक्त दुर्गम पहाड़ों, कड़ाके की ठंड और संकरी रास्तों की ‘तपस्या’ कर वहां पहुँचता है, वहीं पुरी का जगन्नाथ मंदिर साल के 365 दिन अपने भक्तों के लिए बाहें पसारे खड़ा रहता है। पुरी की इस यात्रा में जो सबसे पहली चीज़ मन को झकझोरती है, वह है वहां का जनसमुद्र। सामान्य दिनों में भी जहाँ औसतन 1 से 1.5 लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं, वहीं सप्ताहांत पर यह संख्या भक्ति के एक ऐसे सैलाब में बदल जाती है जिसे संभालना कठिन हो जाता है। सुबह 6:00 से दोपहर 12:00 बजे के बीच ही लाखों लोग दर्शन कर चुके होते हैं और वीआईपी दर्शनार्थियों की कतार ही कई बार 10,000 की संख्या को पार कर जाती है। बद्रीनाथ में जो शांति, एकांत और मौन का महत्त्व है, उसके उलट पुरी में भक्ति का एक ऐसा कोलाहल है जिसमें भक्त स्वयं को भूल जाता है। कत्यूरी शैली की वास्तुकला वाले बद्रीनाथ और कलिंग शिल्प के बेजोड़ नमूने जगन्नाथ मंदिर के बीच का यह अंतर हमें भारत की विविधता के दर्शन कराता है।

इसे भी पढ़ें

Electric Bus

लॉग-वीकेंड में स्मार्ट ट्रैवल: इलेक्ट्रिक बस से आराम और पर्यावरण की सुरक्षा

April 3, 2026
Honda

HMSI ने मार्च 2026 में 29% बिक्री वृद्धि दर्ज की, वित्त वर्ष 2026 मजबूत प्रदर्शन के साथ समाप्त

April 2, 2026
Raja Pehlwan

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में गोल्ड जीतकर राजा पहलवान ने बढ़ाया प्रदेश का मान

April 2, 2026
Ashwini Vaishnaw

त्रिवेणी एक्सप्रेस के पुनः संचालन पर निर्णय तकनीकी पहलुओं पर निर्भर: अश्विनी वैष्णव

April 1, 2026

किंतु इस भव्यता और अपार जनसमूह के बीच आस्था का एक स्याह पक्ष भी हृदय को कचोटता है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, जगन्नाथ धाम के आंगन में ‘पंडा संस्कृति’ पर लोभ का रंग गहरा होता जा रहा है। एक पत्रकार के रूप में जब मैंने देखा कि छोटे-छोटे लघु मंदिरों में श्रद्धा के नाम पर पैसे की मांग एक मजबूरी बन गई है, तो मन आहत हुआ। भीड़ की धक्का-मुक्की के बीच जब एक पांडा सिर्फ इसलिए भक्त की कलाई पकड़ ले कि उसने सिंदूर या चूड़ियां बिना पैसे दिए उठा लीं, तो मर्यादा की सीमाएं खंडित होती दिखती हैं। क्या भगवान के द्वार पर कृपा अब ‘टैक्स’ के रूप में वसूली जाएगी? बद्रीनाथ में भी पांडों की परंपरा है, लेकिन वहां आज भी वह सादगी और शालीनता शेष है जहाँ भक्त को अपमानित नहीं होना पड़ता। पुरी में वह स्थिति पीड़ादायक हो जाती है जब किसी श्रद्धालु को ₹100 के लिए हाथ फैलाना पड़े या उधारी मांगकर भगवान के द्वार पर ‘वसूली’ चुकानी पड़े। आखिर ये पंडे इतना धन कहाँ ले जाएंगे? क्या जगन्नाथ जी की कृपा केवल नोटों के वजन से मापी जाएगी?

हिमालय की नदियां जब सागर में मिलती हैं, तो वे अपना अहंकार त्याग देती हैं, लेकिन इन धामों में बैठे कुछ सेवादार शायद अपना मोह नहीं त्याग पा रहे। बद्रीनाथ उत्तर का मस्तक है, तो जगन्नाथ पूर्व का हृदय; एक हमें चढ़ाई और संयम सिखाता है, तो दूसरा असीमित करुणा। लेकिन इस करुणा के बीच पनपता बाजारीकरण हमारी आध्यात्मिक नींव को खोखला कर रहा है। समय आ गया है कि इन महातीर्थों की पवित्रता को पांडों के लालच से मुक्त कराया जाए। मंदिर केवल पत्थरों के ढांचे या पर्यटन के केंद्र नहीं हैं, वे उस विश्वास के स्तंभ हैं जहाँ एक गरीब भक्त भी बिना डरे अपनी झोली फैला सके। यदि धर्म के रक्षक ही पैसों के भक्त हो जाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियां इन धामों से शांति नहीं, बल्कि कड़वाहट लेकर लौटेंगी। आस्था को बाज़ार बनने से बचाना ही आज की सबसे बड़ी राष्ट्र सेवा है, ताकि गंगा के उद्गम से लेकर बंगाल की खाड़ी तक का यह आध्यात्मिक मार्ग निष्कलंक बना रहे।

Reported By: Shishpal Gusain

Previous Post

उत्तराखण्ड पुलिस में पदोन्नति व तबादले, कई अधिकारी बने डिप्टी एसपी

Next Post

हल्द्वानी और कोटद्वार कॉलेजों की साइंस लैब होंगी हाईटेक

Next Post
Dr. Dhan Singh Rawat

हल्द्वानी और कोटद्वार कॉलेजों की साइंस लैब होंगी हाईटेक

Press Meeting

देहरादून में 4 अप्रैल से ‘दून पुस्तक महोत्सव 2026’ का आगाज़

Discussion about this post

RECOMMENDED NEWS

Congress

बेरोजगारी और नशे के खिलाफ युवाओं का संकल्प मार्च

6 months ago
The Polykids

द पॉलिकिड्स आमवाला में “संगम” समारोह धूमधाम से आयोजित

4 months ago
Mukesh Ambani

बद्री-केदार धाम पहुंचे मुकेश अंबानी, की विशेष पूजा-अर्चना

6 months ago
Vikasnagar

विकासनगर में दर्दनाक घटना, नामी अधिवक्ता के बेटे ने खुद को मारी गोली

3 months ago

FOLLOW US

    BROWSE BY CATEGORIES

    • Blog
    • अपराध
    • अर्थव्यवस्था
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • त्‍योहार
    • दिल्ली
    • दुर्घटना
    • देहरादून
    • धार्मिक
    • पर्यटन
    • पुलिस
    • फैशन
    • मनोरंजन
    • राजनीती
    • राष्ट्रीय
    • रोजगार
    • विश्व
    • शिक्षा
    • हेल्थ

    POPULAR NEWS

    • Chadi Yatra

      मुख्यमंत्री धामी ने मां माया देवी मंदिर से छड़ी यात्रा का किया शुभारंभ

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • अग्निपथ योजना रद्द करने को कांग्रेस का आंदोलन

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • CBI की जांच की मांग को लेकर कांग्रेस करेगी कूच

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया स्वच्छ भारत अभियान

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    • देहरादून में भव्य रामलीला महोत्सव 2025

      0 shares
      Share 0 Tweet 0
    Crime Patrol Logo

    Crime Patrol is a trusted website that brings you real crime stories, latest news, health updates, and trending topics from around the world. Our mission is to spread awareness through true incidents, police investigations, and social issues that impact everyday life. We also provide useful health tips, wellness advice, and lifestyle content to help you stay informed and safe. Updated daily with verified and engaging content, Crime Patrol keeps you connected with reality. Whether it’s a shocking crime case or essential health info – we deliver news that matters.

    Follow us on social media:

    Recent News

    • नैनीताल: गैस आपूर्ति को लेकर एसडीएम ने की बैठक
    • मुख्यमंत्री धामी से उप सेना प्रमुख की शिष्टाचार भेंट
    • दून पुस्तकालय में गढ़वाली कहानियों के अनुवाद की पुस्तक पनाळ का लोकार्पण

    Category

    • Blog
    • अपराध
    • अर्थव्यवस्था
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • त्‍योहार
    • दिल्ली
    • दुर्घटना
    • देहरादून
    • धार्मिक
    • पर्यटन
    • पुलिस
    • फैशन
    • मनोरंजन
    • राजनीती
    • राष्ट्रीय
    • रोजगार
    • विश्व
    • शिक्षा
    • हेल्थ

    Recent News

    Meeting

    नैनीताल: गैस आपूर्ति को लेकर एसडीएम ने की बैठक

    April 3, 2026
    Meet

    मुख्यमंत्री धामी से उप सेना प्रमुख की शिष्टाचार भेंट

    April 3, 2026
    • About
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    • Contact
    • Disclaimer

    © 2025 All Rights Reserved By: Crime Patrol

    No Result
    View All Result
    • उत्तराखंड
    • राजनीती
    • हेल्थ
    • विश्व
    • रोजगार
    • मनोरंजन
    • फैशन
    • पर्यटन
    • धार्मिक
    • त्‍योहार
    • अर्थव्यवस्था
    • अपराध

    © 2025 All Rights Reserved By: Crime Patrol

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In