महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध लाखामंडल स्थित प्राचीन शिव मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाएगा, मंदिर समिति की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही है___देशभर से श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है।लाखामंडल मंदिर, जो पांडवकालीन माना जाता है, ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है__मान्यता है कि इस मंदिर का संबंध पांडवों से रहा है__
इतिहासकारों के अनुसार पहली से आठवीं शताब्दी के बीच इसका विशेष महत्व रहा, और आदि शंकराचार्य द्वारा बद्री-केदार धाम के पुनर्निर्माण काल में भी इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व स्थापित हुआ_मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि लाखामंडल की महिमा केदारनाथ, बद्रीनाथ और हरिद्वार की तरह ही विशेष मानी जाती है_
उन्होंने बताया कि यह पूरे भारतवर्ष में एक अनोखा मंदिर है, जहां ऐसी मान्यता है कि निःसंतान दंपत्ति यदि महाशिवरात्रि की रात पूरे विधि-विधान से शिवलिंग की पूजा-अर्चना करते हैं, तो उन्हें संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है, मंदिर परिसर के कुछ हिस्से पुरातत्व विभाग और कुछ समिति के अधीन हैं_
महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रसाद वितरण, भंडारे और श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन की विशेष व्यवस्था की जा रही है__मंदिर समिति ने 15 फरवरी को आयोजित होने वाले शिवरात्रि महोत्सव में प्रदेश और देशभर के श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए कहा है कि समिति की ओर से सभी का हार्दिक स्वागत किया जाएगा।
सुशील गौड़, अध्यक्ष, लाखामंडल मंदिर समिति।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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