रुड़की में भ्रष्टाचार का वो सच सामने आया है जिसने विकास के दावों की पोल खोल दी है। केएलडीएवी डिग्री कॉलेज के सामने बनी सड़क बारिश की मार झेल नहीं पाई और कुछ ही महीनों में धंसकर गड्ढों में तब्दील हो गई लेकिन समाजसेवियों ने इस बार विरोध का एक अनोखा तरीका चुना। रुड़की के केएल डीएवी डिग्री कॉलेज के मुख्य मार्ग पर बने इस गहरे गड्ढे को उन्होंने भ्रष्टाचार का रेस्टोरेंट करार दे दिया और वहीं बैठकर चाय- समोसे खाकर नेताओं और ठेकेदारों पर तंज कसा।
दरअसल समाजसेवी दीपक लाखवान ने अपने साथियों के साथ इस गड्ढे में बैठकर प्रदर्शन किया। उनके हाथ में चाय और समोसे थे और उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “यही है भ्रष्टाचार का असली स्वाद।” उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से बनी सड़क कुछ ही महीनों में धंस जाना,यह केवल खराब क्वालिटी के काम का मामला नहीं बल्कि नेताओं और ठेकेदारों की मिलीभगत और कमीशनखोरी का साफ सबूत है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के टैक्स का पैसा साल दर साल इस तरह लूटा जा रहा है। बजट मंजूर होता है ठेकेदार और अफसर जेबें भरते हैं और जनता को तोहफे में मिलती हैं टूटी सड़कें और जानलेवा गड्ढे।समाजसेवी दीपक लाखवान का कहना है कि यह गड्ढा महज सड़क पर बना खड्डा नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का वो कुआं है जिसमें जनता की गाढ़ी कमाई डुबोई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर क्यों जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती? क्यों हर बार ठेकेदार और नेताओं का गठजोड़ बच निकलता है?
दीपक लाखवान ने साफ कहा कि अगर इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई और भ्रष्टाचार पर नकेल नहीं कसी गई तो सड़क पर आंदोलन और भी बड़ा होगा। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वो इस लड़ाई में उनका साथ दें क्योंकि यह गड्ढा हर किसी की सुरक्षा के लिए खतरा है। रुड़की का ये गड्ढा अब सिर्फ सड़क की टूट-फूट का मामला नहीं रहा बल्कि यह उस सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है जो जनता के पैसों पर पलता है और बदले में जनता को देता है सिर्फ धोखा और खतरे। देखना होगा कि क्या सरकार और प्रशासन इस गड्ढे को भरने के साथ-साथ भ्रष्टाचार के उस गहरे गड्ढे को पाट पाएगा जिसमें आम जनता का पैसा लगातार डूबता चला जा रहा है।
दीपक लाखवान (समाजसेवी)
Reported By: Praveen Bhardwaj












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