आगामी 16 जुलाई को मनाए जाने वाले हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों को लेकर कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को प्रदेशभर में बड़े स्तर पर फलदार, सगंध, औषधीय तथा चाय के पौधों का रोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि हरेला केवल पौधारोपण का पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का जन अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे पौधों का चयन करने के निर्देश दिए, जो जल स्रोतों के पुनर्जीवन, भू-जल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हों।
उन्होंने उद्यान विभाग को वर्षाकाल के दौरान आम, अमरूद, लीची, अनार, नींबू, माल्टा, कटहल सहित विभिन्न नवीन फल प्रजातियों के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण कराने के निर्देश दिए। साथ ही पौधों के वितरण और रोपण से जुड़ी सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर भी जोर दिया।
बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस वर्ष हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेशभर में उद्यान विभाग की ओर से 11 लाख फलदार, सगंध एवं औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा एक लाख चाय के पौधों का भी रोपण किया जाएगा। इस तरह इस वर्ष अभियान के तहत कुल 12 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हरेला पर्व पर उद्यान विभाग ने 9 लाख से अधिक फलदार पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया था। इस बार लक्ष्य को बढ़ाते हुए अधिक जनभागीदारी के साथ अभियान चलाया जाएगा।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित न रहे, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण, नियमित देखरेख और उनकी अधिकतम जीवित रहने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि वृक्षारोपण अभियान के वास्तविक उद्देश्य पूरे हो सकें।
बैठक के दौरान उद्यान विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को वर्षाकालीन हरेला पर्व एवं निःशुल्क फलदार पौध वितरण योजना की तैयारियों की जानकारी दी और बताया कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तय समय के भीतर पूरी की जा रही हैं।
Reported By: Arun Sharma












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