परमार्थ निकेतन आश्रम में गंगा संरक्षण, जन-जागरूकता और सांस्कृतिक संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित 10वीं गंगा आरती प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन हुआ। यह कार्यशाला जल शक्ति मंत्रालय, नमामि गंगे और अर्थ गंगा अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश के 7 जिलों के 15 घाटों से आए 30 पुरोहितों ने भाग लिया।
इस प्रशिक्षण में पुरोहितों को न केवल गंगा आरती की शास्त्रीय विधि और स्वर-साधना सिखाई गई, बल्कि आरती के माध्यम से गंगा संरक्षण, जल बचाओ और पर्यावरण रक्षा का संदेश देने की प्रेरणा भी दी गई। उन्हें नमामि गंगे और अर्थ गंगा अभियानों से जुड़ी जानकारियां भी प्रदान की गईं।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि माँ है। गंगा आरती को स्वच्छता और संरक्षण का आंदोलन बनाना आवश्यक है, ताकि यह दीपक संपूर्ण समाज को नई दिशा प्रदान कर सके। साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि मां गंगा भारत की आत्मा और श्वास है, और यदि गंगा स्वच्छ रहेगी तो भारत स्वस्थ रहेगा।
कार्यशाला के समापन पर सभी पुरोहितों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने घाटों पर आरती को स्वच्छता, जल संरक्षण और जन-जागरूकता का अभियान बनाएंगे।
Reported By: Arun Sharma












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