वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और आगामी चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रदेश में घरेलू एवं व्यावसायिक एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एल. फैनई की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें गैस आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में एलपीजी गैस की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी न होने दी जाए। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव स्तर पर भी इस विषय की समीक्षा की जा चुकी है और दैनिक आधार पर तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य में बढ़ती मांग को देखते हुए प्रतिदिन लगभग 60 हजार घरेलू सिलेंडरों और 6 हजार कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, लंबित मांग (बैकलॉग) को समाप्त करने के लिए अतिरिक्त आपूर्ति और उसकी नियमित रिपोर्टिंग पर जोर दिया गया।
तेल कंपनियों के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को राज्य में कुल 65,944 घरेलू और 3,864 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। इसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने 48,218 घरेलू और 2,340 कमर्शियल सिलेंडर, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने 11,731 घरेलू और 698 कमर्शियल सिलेंडर तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने 5,995 घरेलू और 826 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में आपूर्ति व्यवस्था में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
प्रमुख सचिव ने आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए गैस आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क और वितरण से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने पर जोर दिया गया। तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे बढ़ती मांग के अनुरूप आपूर्ति बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं और डीलर स्तर पर किसी भी प्रकार की बाधा न आने दें।
सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री का देहरादून दौरा प्रस्तावित है और 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। इन महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए तेल कंपनियों को अग्रिम योजना बनाकर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब प्रतिदिन शाम 5 बजे सचिव स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें तेल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होकर आपूर्ति की स्थिति की जानकारी देंगे, ताकि समय रहते किसी भी समस्या का समाधान किया जा सके और प्रदेश में गैस आपूर्ति सुचारु बनी रहे।
Reported By: Praveen Bhardwaj













Discussion about this post