खेल या दुर्घटना के कारण होने वाली जोड़ों और लिगामेंट संबंधी चोटों के उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में विशेष स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक संचालित किया जा रहा है, जो विशेष रूप से युवाओं और खिलाड़ियों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। यह क्लिनिक संस्थान के ट्रॉमा सेंटर स्थित ओपीडी क्षेत्र से संचालित होता है और उन्नत व आधुनिक तकनीकों पर आधारित उपचार प्रदान करता है।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2025 में उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान राज्य सरकार ने खेल और चोट प्रबंधन के लिए एम्स ऋषिकेश को अधिकृत किया था। इस दौरान क्लिनिक की विशेषज्ञ टीम ने कई खिलाड़ियों का सफल उपचार कर उन्हें राहत पहुंचाई थी। हाल ही में 16 नवंबर को संस्थान के प्रेजिडेंट प्रो. राजबहादुर और कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में कंधा और घुटना एंडोस्कोपी एवं ऑर्थोस्कोपी कोर्स आयोजित कर इस सुविधा को और मजबूत किया गया।
एम्स द्वारा उपलब्ध कराई जा रही यह सेवा न केवल खिलाड़ियों बल्कि आम लोगों को भी फायदा पहुंचा रही है। बाइक दुर्घटनाओं से होने वाली घुटने की चोट, जोड़ खिसकने और तेज दर्द जैसी समस्याओं का समाधान अब इस क्लिनिक में आसानी से संभव है।
’’ज्यादातर मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें फिसलने या बाइक से गिरने के कारण घुटने व लिगामेंट की गंभीर चोटें आ जाती हैं। ऐसे सभी घायलों के अलावा कंधे, घुटने, कूल्हे एवं टखने के दर्द और लीगामेंट टेंडन से संबंधित जोड़ों के दर्द से ग्रसित रोगियों का इलाज और आवश्यक परामर्श इस क्लीनिक के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह क्लीनिक ट्राॅमा सेन्टर के भूतल पर प्रत्येक सोमवार, बुद्धवार और शुक्रवार को सप्ताह में 3 दिन संचालित होता है।
—– प्रो. कमर आजम, विभागाध्यक्ष ट्राॅमा सर्जरी व प्रमुख स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक
’’संस्थान का उद्देश्य खिलाड़ियों व सामान्य मरीजों को उन्नत उपचार और पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध करवाकर उन्हें शीघ्र स्वस्थ करना है। स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक की उपलब्धियों के साथ ही एम्स ऋषिकेश देश का एकमात्र संस्थान है जहाँ पिछले 5 वर्षों से स्पोर्ट्स इंजरी पाठ्यक्रम में एमसीएच की उपाधि प्रदान की जा रही है। लोगों को चाहिए कि वह संस्थान की स्वास्थ्य इन सेवाओं का लाभ उठाएं।’’
—— प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक एम्स ऋषिकेश।
Reported By: Arun Sharma












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