जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर, महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी अल्मोड़ा पहुंचे और उन्होंने पहाड़ की वर्तमान स्थिति, खासकर पलायन, पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण पर अपने गंभीर विचार साझा किए हैं। पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि गांवों को आबाद रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे। उन्होंने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन को सुरक्षित रखने पर ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार को पर्यटन और तीर्थाटन क्षेत्रों को अलग-अलग वर्ग में बांटना चाहिए उत्तराखंड देवभूमि और जागृत देवताओं की भूमि है। उनका मानना है कि तीर्थस्थलों की पवित्रता बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। पहाड़ के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने और वनों व जल स्रोतों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई। पहाड़ों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने पर विचार रखा गया ताकि लोग अपने मूल निवास स्थान पर बने रहें।
महामंडलेश्वर, स्वामी यतींद्रानंद गिरी
Reported by: Mohammad Alam











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