प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) और शक्ति निर्माण योजना में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच अब एसआईटी को सौंप दी गई है। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी धन की हेराफेरी में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
दरअसल, देहरादून के पीएम पोषण प्रकोष्ठ में करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया था। प्रारंभिक विभागीय जांच में पाया गया कि उपनल के माध्यम से सेवायोजित एमआईएस समन्वयक नवीन सिंह रावत ने तकनीकी छेड़छाड़ कर ऑनलाइन माध्यम से इस धनराशि को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया। जांच में तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही भी उजागर हुई है।
अब यह पूरा मामला एसआईटी के हवाले कर दिया गया है ताकि गबन की पूरी सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही उन अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं किया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए वित्तीय और गोपनीय कार्य केवल सक्षम स्थायी कार्मिकों को ही सौंपे जाएंगे।
Reported By: Arun Sharma














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