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उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने बीते चार वर्षों में विकास की नई दिशा हासिल की है। यह अवधि केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ठोस परिणामों की रही है। नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” विज़न के अनुरूप राज्य ने खुद को अग्रणी राज्यों में स्थापित किया है।
इस दौरान उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। साथ ही भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी और नकल विरोधी कानून जैसे फैसलों से शासन व्यवस्था मजबूत हुई। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ी और हजारों युवाओं को रोजगार मिला।
आर्थिक मोर्चे पर राज्य का जीएसडीपी ₹3.81 लाख करोड़ तक पहुंचा और प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ा, स्टार्टअप और एमएसएमई को प्रोत्साहन मिला, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए।
स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में आयुष्मान योजना, महिला सशक्तिकरण और “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं ने व्यापक प्रभाव डाला। वहीं पर्यटन में चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और धार्मिक स्थलों के विकास से रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों ने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। कुल मिलाकर, धामी सरकार के चार वर्ष उत्तराखण्ड के लिए परिवर्तनकारी साबित हुए हैं और राज्य तेजी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
हमारा संकल्प केवल विकास नहीं, बल्कि समग्र और संतुलित विकास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में उत्तराखण्ड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा: पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
Reported By: Praveen Bhardwaj












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