ग्रामीण सीलिंग भूमि मामले को लेकर जन संघर्ष मोर्चा उत्तराखंड की ओर से उठाई गई मांग पर जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट आख्या और अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मोर्चा के अध्यक्ष एवं पूर्व उपाध्यक्ष गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) रघुनाथ सिंह नेगी ने इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी।
जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून की ओर से 10 सितंबर 2026 को उप जिलाधिकारी देहरादून, विकासनगर, ऋषिकेश और डोईवाला को पत्र भेजा गया है। पत्र में रघुनाथ सिंह नेगी की ओर से 1 सितंबर को दिए गए ज्ञापन का संदर्भ लेते हुए ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन की मांग
नेगी ने अपने ज्ञापन में ग्रामीण सीलिंग भूमि मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में भूमि के क्रय-विक्रय पर लगाई गई रोक हटाने और संबंधित भूमि का वास्तविक सत्यापन कराने का अनुरोध किया था।
जिला प्रशासन ने संबंधित उप जिलाधिकारियों से कहा है कि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं के संबंध में स्पष्ट मन्तव्य और सुसंगत अभिलेखों के साथ आख्या कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जन संघर्ष मोर्चा लंबे समय से ग्रामीण सीलिंग भूमि से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई और उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की मांग उठाता रहा है। अब जिला प्रशासन की ओर से चार उप जिलाधिकारियों से विस्तृत आख्या और अभिलेख मांगे जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
Reported By: Arun Sharma












Discussion about this post