
सरकार एक तरफ प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज आज भी स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। पर्याप्त डॉक्टरों और कर्मचारियों के अभाव में मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ उससे संबद्ध बेस अस्पताल की व्यवस्थाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इसका सीधा खामियाजा मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों दोनों को उठाना पड़ रहा है।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के कई पद खाली पड़े हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से कई बार शासन को पत्र भेजकर रिक्त पदों को भरने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
मामले पर मेडिकल कॉलेज के नवनिर्युक्त प्राचार्य डॉ. जी.एस. तितियाल ने बताया कि संस्थान में विशेषज्ञ डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी बनी हुई है, जिससे कार्यों की गति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और शासन स्तर पर भी इस संबंध में संपर्क किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही स्टाफ की कमी दूर होने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।
डॉ. जी.एस. तितियाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा
Reported by: Rajesh Kumar














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