प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने आयुष विभाग की कार्यप्रणाली और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि आयुष विभाग राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके अंतर्गत आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक सेवाओं से जुड़ी कई संस्थाएं संचालित हो रही हैं। आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करेगी।
उन्होंने धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए धर्मशालाओं और बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने के लिए नीति बनाने पर जोर दिया। साथ ही ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर वेलनेस, योग और पंचकर्म जैसी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षा और शोध कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने को कहा। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए अधियाचन भेजने और भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए।
प्रदेश में आयुष सेवाओं के तहत सैकड़ों चिकित्सालयों और हजारों डॉक्टरों की उपलब्धता का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद को एक सशक्त स्वास्थ्य विकल्प के रूप में स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है।
आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक
Reported By: Arun Sharma












Discussion about this post